अनेेकता में एकता ही भारत की विशेषता रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इसके राष्ट्रीय त्यौहार ही हैं, जो कि सारे वर्ष चलते रहते हैं। भाई-बहन के पवित्र रि…
भारतीय समाज में कायस्थ एक बुद्धिजीवी एवं चतुर जाति मानी जाती है। मध्यकाल में तो यह मान्यता थी कि राज-काज के संचालन में इससे कुशल एवं प्रवीण कोई अन्य …
उज्जैन। दीपावली को लेकर पूरे देश में भ्रम की स्थिति है। शास्त्रों और विद्वानों के अपने-अपने मत है। कुछ विद्वान 31 अक्टूबर को दीपावली का समर्थन कर रह…
15 नवम्बर 2023 को चित्रगुप्त पूजा पर विशेष- मनुष्यों एवं समस्त जीवों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखने वाले न्यायब्रह्म को पौराणिक ग्रंथों में चित्रगुप्…
वीर संवत 2550 पर विशेष- विश्वभर मे वर्षगणना के लिए वर्तमान में जो सन या संवत मुख्य रूप से आज भी उपयोग में लाए जाते है उनमें ईसवी सन को ही अधिककांश लो…
बैर भाव दूर करें,सुधा बहे अधरों से हर दिन सूर्य यहां प्रीत का उत्कर्ष हो। हर एक वर्ग का हृद से सम्मान होवे वेदना हो चूर-चूर, हर्ष भी सहर्…
दीये की आग़ोश में बैठी बाती, ज्योतिर्मय प्रकाश फैलाती भर-भर पीती तम के प्याले, बदले में धरती उजलाती तोड़ अंधकार की चिर निंद्रा, जीने की नई राह दिखल…
नन्हा दीपक लाल ठोकता आज तिमिर को जाना होगा। झिलमिल करते तारक कहते शुरू नया अफसाना होगा।। लेकर अपने संग सवेरा नव किरणों को आना होगा। लहु के प्यासे लोग…
कहीं दूर अगन मेें अँधेरा गहराता है, उजास भरी दुपहरी में वह शरमाता है, कहीं श्वेताभ में उसकी कालिमा रह न जाये, अँधेरे को चीरने को एक दिया जलाया जाये। …
हे पद्मिनी ! जीवन के रंग से आँगन में अपने अल्पना सजाई है मैंने तुलसी चौबारे पर जलता दीप बाट जोहता आपकी वर्तिका में इसकी मुस्कानों का अपने घृत समा जा…
दीपोत्सव की बहार में खो जाए घरों की चहारदीवारी को सजाएं घरों की साफ सफाई मन से कराएं आंगन को खूब आलीशन बनाएं आलीशन प्राकृतिक रौशनी बढ़ाये ह…
रैन अमा की खिल गई, जगमग करते द्वार। दीपमालिका सज गई, चौखट बंदनवार। जैसा धरती से लगे, तारामय आकाश। नभ से ऐसे दिख रहा, झिलमिल दीप प्रकाश। नन्हें नन्हे…
बाजारों में भीड़ दीवारों पर झूलती बिजली की लड़ियां खील बताशे मोमबत्ती दिये बताते है त्यौहार का अर्थ कोराेना के बाद बाजारों में रौनक हैं जबरदस्त भीड़…
दमक उठे दीपों से घर -घर मन उजियारा हो जाए फूट पड़े ज्योति के निर्झर दूर अंधियारा हो जाए। दीपशिखा ने कितने आंगन कितने घर प्रकाश दिया है …
जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का निर्वाण ईस्वी पूर्व 527 (विक्रम पूर्व 470) में कार्तिक अमावस्या की अर्द्धरात्रि में साढ़े बहत्तर वर्ष की…
देह-दान दीपक करे,जले वर्तिका संग । परहित पर उपकार के,अपने-अपने ढंग ।। दीपक माटी का जना,ना निर्धन न अमीर । सूफ़ी के पैग़ाम सा,है इक शाह-फ़क़ीर ।। मावस…
देश के पांच राज्यों में भले ही विधानसभा चुनाव का बुखार है लेकिन इन पांच राज्यों के साथ पूरे देश में सरस्वती की बहन यानि हमारी लक्ष्मी मौसी के आगमन की…
दीपक केवल शब्द नहीं है इसकी अनुपम कीमत है। है अखंड दीपक का जलना,पावनता की इज्जत है। दीपक ने मानव जीवन में उजियारे का सार लिखा। दीपक ने पर्वों की महिम…
बाह्य उजाला बहुत कर दिया अंतर्मन को भी जगमगाए आओ दीवाली कुछ ऐसे मनाए। असहिष्णुता का घुला जहर है सहिष्णु थोड़े बन जाए, आओ दीवाली कुछ ऐसे मनाए। खुशियाँ…
हर साल मनाते दीवाली हर हाल मनाते दीवाली इस बार मनाएं दीवाली रह जाए सबको याद दीवाली। किसी के आंसू पोंछे किसी का दर्द अपनाएं हमदर…
लेखकों के विचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है ©️ 2020-21Shabd pravah सर्वाधिकार सुरक्षित Email- shabdpravah.ujjain@gmail.com