म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत
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जीवन क्षणभंगुर है जाने (गीतिका) -आकुल
मुक्तक - यशवंत दीक्षित
माहिया -कमल कपूर
 क्‍यों, रोना चाहिए (गीतिका)
श्री हनुमान पच्चीसी
माँ के नवरूप (लावणी)
कुष्मांडा माता (गीत)
कर्मों का लेखा (विधाता छंद)
मुक्तक
पञ्चचामर छंद
 डॉ.रघुनाथ मिश्र सहज के तीन मुक्तक
प्रीति करो प्रीति मिले
वर्तमान हालात