म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

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वर्तमान समय की मांग और भविष्य की जरूरत के लिए हिंदी को तकनीकी के साथ जोड़ना जरूरी
डॉ. विकास दवे तीसरी बार मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक मनोनीत
प्रेमचंद सृजन पीठ द्वारा ‘हिंदी भाषा, राजभाषा से राष्ट्रभाषा’ विषय पर विमर्श और काव्य गोष्ठी आयोजित