आज उस पर लगा निशाना है। जिसका ऊँचा बड़ा घराना है। साथ मिलकर सभी बढ़ें आगे, मुल्क अच्छा अगर बनाना है। बुग़्ज़कीना की बाँधकर गठरी, जा के गहरे कहीं …
(छंद- ताटंक) बात करें क्या लोकतंत्र की, इसके खेल निराले हैं। लोकलाड़ले नेता सब जनता के देखे-भाले हैं।1। सुख-सुविधा सम्पन्न राष्ट्र हो, सर्वोपरि ज…
खुशियां हो या होवे ग़म. सूख रहे दिल के मौसम. चल जाए कब कैसी हवा मौसम भी है बे-मौसम. बन जाती राहें आसान हिम्मत का धरकर परचम. …
इक ज़रा मुस्कुरा के देख लिया। सब की नज़रें बचा के देख लिया। उस पे होता नहीं असर कुछ भी, अपना सबकुछ लुटा के देख लिया। इक रत्ती मदद न क…
अपनी धुन में ही लगे रहते हैं लोग। अब कहाँ मज़लूम की सुनते हैं लोग। जो हक़ीक़त में न बदले जा सकें, बेसबब के ख़्वाब क्यूँ बुनते हैं लोग। कर्ज़ …
याद तुम्हारी मैं बन पाता तो जीवन जीवन होता। मुझे बुलाती ख़्वाबों में तुम अपना मधुर मिलन होता। रोज मुझे तुम लिखती पाती उसमें सब सपने लिखती। जितने ख्व…
चौपालों पर ही क्या हरसू, सत्ता की ही बात। क्या देगी सरकार अनोखी, हम सबको सौग़ात।। रोज़गार के करवाएगी, अवसर क्या उपलब्ध, राग अलापेगा कश्मीर का’, …
क्या कहे रुदादे जिंदगानी अपनी, चेहरे पे लिखी है कहानी अपनी। गेसुओ आंसुओं की बातें क्या करे, हो चली है बिटिया सयानी अपनी। वो गए जीत मीठा मीठा बोल के, …
जिंदगी मेरी यहाँ बेदाम क्यों है ये बता और तू बदनाम तेरा नाम क्यों है ये बता हम वफ़ा ईमान को माने तो हमको ग़म मिले तेरे हिस्से हर खुशी आराम क्यों है य…
दीप हूँ जलता रहूंगा , तिमिर से लड़ता रहूंगा।। अश्रुपूरित नयन हर तरफ , और खंडित हैं मन हर तरफ। राह अब कोई दि…
ज़हर है आजकल हवाओं में लगी है आग सब दिशाओं में रोज़ बीमारी बढ़ती जाये है, कुछ असर ही नहीं दवाओं में हाय झगड़े ये धर्म…
एक फ़ितने को उठा बैठे हैं हम। शेर इक सोया जगा बैठे हैं हम। बद नताइज अब भुगतने हैं सभी, बेवफा से मन लगा बैठे हैं हम। हम कभी डरते नहीं हैं मौत से,…
ये चौराहा अंधेरे में डूबा हुआ है हर समय ख़तरा भी इसका बना हुआ है कितना भी चीख़ों आप पड़े न असर कोई प्रजातंत्र में तो नेता बहरा हुआ है घुस न सकते हो द…
पूछ लिया करते हैं जब वो कैसे हैं। ज़ख़्म हमारे कहते हैं तब अच्छे हैं। काफ़ी दिन से दिल बेहद ख़ुश है सो हम आज तभी तो 'जौन' को पढ़ने बैठे हैं। तेरी …
रास रंग में मगन हो गया, चांद तो बद चलन हो गया। रात यादों ने हांका किया, दर्द और सघन हो गया। सरे राह मिल गए वो, झुकी पलकें, नमन हो गया। सांसे तो ले ली…
सतत है गतिशील - समय का चक्र । बहुत कठिन है - साधना का पथ । आरूढ़ होना है - समक्ष खड़ा रथ । बहाव है अनुकूल - हुआ न वक्र । भक्त हो , मिलेगी - भावना को …
जटिल हो गए जीवन के मुद्दे , सरल करेंगे उनमें से दो-चार । फेसबुक की दुनिया से निकलें , थोड़ी देर कहीं मिल बैठें यार । जितना चाहें जी भर के हँस लें , ज…
आशिक़ हो जाने का मतलब,आवारा हो जाना है चाहत जिसकी उसका,सारा का सारा हो जाना है आशिक़ होते पर उनकी तो,महफ़िल हो ये ना मुमकिन, दर्द बताएं क्यूँ,दिल मीठ…
साधो न बार बार निशाना बहुत हुआ। दुनिया को बेवकूफ़ बनाना बहुत हुआ। दुश्मन को यार धूल चटाना बहुत हुआ। नफ़रत का राग रंग पुराना बहुत हुआ। …
जिंदगी में आपकी पहचान उत्तम हो भाव भाषा साधना हो ज्ञान उत्तम हो कर्म किस्मत वक्त सबके साथ चलते हैं हो भले कुछ भी मगर इंसान उत्तम हो लोग देते आपको दिल…
लेखकों के विचारों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है ©️ 2020-21Shabd pravah सर्वाधिकार सुरक्षित Email- shabdpravah.ujjain@gmail.com