म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत
लघुकथाकार लघुकथा को बोन्साई नहीं इत्र बनाएं - डॉ.विकास दवे
‘एआई और हिंदी भाषा के भविष्य की नई दिशा’ विषय पर ऑनलाइन गूगल मीट का आयोजन
साहित्य क्रांति उद्यापन एवं साहित्यकार सम्मान समारोह 27 सितंबर को भोपाल में
पटकथा का मूल आधार बताओ नहीं दिखाओ - डॉ. रविंद्र कात्यायन
उज़्बेकिस्तान में नई पीढ़ी निरंतर हिंदी के अध्ययन और शोध से जुड़ रही है - डॉ.मनीष कुमार मिश्रा
अनुवाद दो भाषाओं के बीच सेतु का काम करता है - सुभाष नीरव
सोशल मीडिया कभी पत्रकारिता की जगह नहीं ले सकता - अनुराग त्रिपाठी