म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत
सोशल मीडिया कभी पत्रकारिता की जगह नहीं ले सकता - अनुराग त्रिपाठी
संस्कृति भाषा के बिना जीवित नहीं रह सकती : विनोद कुमार जैन
आयु के साथ अनुभव समृद्ध वरिष्ठजनों से युवा पीढ़ी सीखे - डॉ. विकास दवे
डॉ. जमड़ा की पुस्तक मैं नरमही का पुण्य सलिला मही के मध्य नाव में विमोचन
बच्चों को पढ़ने का संस्कार देना बड़ों का दायित्व
तीसरी बार साहित्य अकादमी निदेशक बनने पर डॉ.विकास दवे का सम्मान
अपनी भाषा और बोलियों को संरक्षित करने के लिए उनका डिजिटलाइजेशन जरूरी