राम राज की कल्पना, फिर होगी साकार। हर्षित है जन-जन यहॉ, उल्लासित संसार।। राम विराजे धाम में, उत्सव है चहुओर। भारत मॉ के भाल पर, उदित हुआ नव भोर।। पौष…
राम नहीं है कल्पना, राम जगत आलोक। राम नाम के जाप से, दूर रहे भय,शोक।। राम शब्द छोटा मगर, भरा भाव विस्तार। राम जीवन की सुचिता,राम श्रेष्ठ व्यवहार।। रा…
दौड़ रही देखो यहां, भ्रष्टाचारी रेल पटरी है प्रशासन की, उसका सारा खेल नेता को मिलता सदा, कुर्सी पाकर चैन फिर जनता से वो कभी, मिलाता नहीं नैन नेता बनत…
विपदा से डरिये नहीं, करिये दो दो हाथ। अपनों का मत छोड़िये, कभी भूल कर साथ। भूल जटिलता को रखो,सीधा सरल स्वभाव। अगर चाहते हो बड़ा, जीवन में कु…
जाने नहीं ग़रीब की, उसकी कोई पीर खाई सभी ने मिलकर, उसकी सारी खीर नेता जनता से करें, वोटों का ही मोल फिर पांच साल तक रहे, जनता से वो गोल चुनाव पर नेता…
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