हिंदी हमारे लिए सिर्फ संवाद की भाषा नहीं बल्कि आत्म गौरव और स्वाभिमान का विषय - घनश्याम मैथिल
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग अपर महानिदेशक कार्यालय में हिंदी प्रोत्साहन मास का समापन
भोपाल। 'हिंदी हमारे लिए सिर्फ संवाद की भाषा नहीं बल्कि आत्म गौरव और स्वाभिमान का विषय है, हमें हिंदी दिवस मनाने के लिए नहीं बल्कि अपने दैनिक दैनिक जीवन और कार्य व्यवहार में हिंदी बिना किसी पुरस्कार या सम्मान की चाहत के बिना स्वयं ही अपनाना चाहिए।' यह उदगार हैं वरिष्ठ साहित्यकार घनश्याम मैथिल 'अमृत' के जो कार्यालय अपर महानिदेशक कार्यालय केंद्रीय लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा आयोजित राजभाषा पखवाड़े के प्रोत्साहन मास के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोल रहे थे। आयोजन के आरम्भ में महेंद्र पाल सिंह अपर महानिदेशक एवं अन्य अधिकारियों में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। आयोजन में पूरे मास आयोजित विविध हिंदी की प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं सम्मान निधि भेंटकर सम्मानित किया गया। आयोजन में उपस्थित प्रतिभागियों ने स्वरचित काव्य पाठ एवं सांगीतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को स्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथियों को राजभाषा विभाग की ओर से पौधे भेंटकर स्वागत किया गया,इस अवसर पर श्री महेंद्र पाल सिंह अपर महानिदेशक ने प्रतियोगिता के विजेता अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए अपने समस्त कार्यों को हिंदी में करने का अनुरोध किया,कार्यक्रम के अंत में सिद्धार्थ टंडन वरिष्ठ हिंदी अनुवादक ने सभी का आभार प्रकट किया।


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