राष्ट्रभाषा प्रचार समिति हिंदी भवन में वरिष्ठ विमर्श सम्पन्न
भोपाल। 'राष्ट्रभाषा सिर्फ हमारी अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार की पहचान है। यह उदगार हैं पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं साहित्यकार के. के .सेठी के जो मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति हिंदी भवन भोपाल में आयोजित वरिष्ठ विमर्श के अंतर्गत 'भाषा संस्कृति की संवाहक है' विषय पर आयोजित विमर्श के आयोजन की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार महेश सक्सेना ने किया, कार्यक्रम में इस विषय पर बोलते हुए घनश्याम मैथिल अमृत ने कहा कि - भाषा ही हमारी पहचान है भाषा खत्म हुई तो हम भी अपना अस्तित्व पहचान खो देंगे, इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. संजय सक्सेना ने कहा कि - भाषा है तो वाद विवाद संवाद सबकुछ है। गोकुल सोनी ने कहा - भाषा के बिना संस्कृति जीवित नहीं रह सकती, इस आयोजन में अशोक धमनियां , सुनील दुबे , राजेश तिवारी, श्रीराम महेश्वरी, बी एल गोहिया , संजय खरे सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित थे जिन्होंने इस आयोजन में अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त कर आयोजन को सफल बनाया।


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