संस्कार भारती उज्जैन महानगर ने कला विमर्श के अंतर्गत चित्रकला पर किया मंथन
उज्जैन। संस्कार भारती महानगर उज्जैन द्वारा मासिक संगोष्ठी कला विमर्श के अंतर्गत पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की चित्रकला दृष्टि विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
सम्राट विक्रमादित्य वि.वि. के वाग्देवी भवन मे आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ मुद्रा शास्त्री डॉ. आर. सी. ठाकुर ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चित्रकार श्री श्रीकृष्ण जोशी ने वाकणकर जी के संस्मरण व्यक्त किये। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं वाकणकर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। पं. कुलदीप दुबे द्वारा संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया। संस्कार भारती महानगर उज्जैन की अध्यक्ष श्रीमती माया बदेका, गोपाल महाकाल और डॉ.शेखर मेदमवार ने अतिथियों का अंग वस्त्र एवं मोतियों की माला भेंट कर स्वागत किया। अतिथियों का शाब्दिक स्वागत ललित कला अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ. जगदीश शर्मा ने किया।
संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन हिंदी अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष एवं कला समीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के पुरातत्व संग्रहालय के निदेशक डॉ. रमण सोलंकी जी ने वाकणकर जी द्वारा कला जगत में अर्पित किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ चित्रकार श्री श्रीकृष्ण जोशी जी ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर जी के साथ बिताए हुए वक्त को याद किया। उन्होंने बताया कि वाकणकर जी ने उन्हें चित्रकला के साथ कला की नैतिकता का वास्तविक ज्ञान प्रदान किया एवं यह भी कहा था की एक चित्रकार को अपनी दृष्टि केवल अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखनी चाहिए। इसके साथ ही कलाकार को अपने बाद आने वाली पीढियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर के निदेशक वरिष्ठ मुद्रा शास्त्री डॉ.आरसी ठाकुर जी ने वाकणकर जी की चित्रकला दृष्टि और पुरातत्व दोनों के समन्वय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वाकणकर जी ने अपने व्यक्तित्व को एक आदर्श कला साधक के रूप में स्थापित किया है। कलाकार सदैव राष्ट्र के उत्थान के लिए प्रयत्नशील रहता है। संगोष्ठी के दौरान श्री श्रीकृष्ण जोशी द्वारा चित्रकला के विद्यार्थियों को कलाकृति का निर्माण करते हुए प्रायोगिक ज्ञान भी प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन संस्कार भारती महानगर उज्जैन के चित्रकला विधा संयोजक तिलकराज सोलंकी ने किया एवं आभार संस्कार भारती महानगर उज्जैन के महामंत्री दुर्गाशंकर सूर्यवंशी ने माना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चित्रकला विधा के कला साधक एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। यह जानकारी संस्था के मीडिया प्रमुख जयंत तेलंग ने दी।


0 टिप्पणियाँ