म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

वर्तमान समय की मांग और भविष्य की जरूरत के लिए हिंदी को तकनीकी के साथ जोड़ना जरूरी

वर्तमान समय की मांग और भविष्य की जरूरत के लिए हिंदी को तकनीकी के साथ जोड़ना जरूरी - डॉ. धनजी प्रसाद
भोपाल।'हिंदी भाषा शिक्षण को स्किल की तरह पढ़ाया जाना चाहिए, किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी ज्ञान समय की जरूरत है,बच्चों को हिंदी शिक्षण बारह खड़ी के माध्यम से देकर शुद्ध और वैज्ञानिक हिंदी सिखाई जा सकती है।' यह उदगार हैं वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद विजय कुमार मल्होत्रा पूर्व निदेशक (राजभाषा) रेल मंत्रालय नई दिल्ली के जो लघुकथा शोध केंद्र समिति भोपाल द्वारा आयोजित 'निज भाषा उन्नति अहै 'राजभाषा पखवाड़े के अंतर्गत ऑन लाइन आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

कार्यक्रम के आरम्भ में स्वागत उद्बोधन केंद्र की कोषाध्यक्ष सुनीता प्रकाश ने दिया, तत्पश्चात डॉ. ममता माली मुंबई एवं चित्रा राघव राणा यू. एस. ए. के संयोजन और संचालन में कार्यकम आरम्भ हुआ, इस कार्यक्रम का केंद्रीय विषय था - हिंदी भाषा और प्रौद्योगिकी संचार युग में हिंदी इस अवसर पर अतिथि वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रोफेसर डॉ.धनजी प्रसाद ने कहा कि - 'भाषा विज्ञान मानव विज्ञान के विविध रूपों का अध्ययन करता है। आज तकनीकी और संचार का युग है ऐसे में हिंदी को वैश्विक रूप में स्थापित करने के लिए हमें समय की मांग और भविष्य की जरूरत के अनुसार तकनीकी के विविध स्वरूपों आयामों को अपनाना होगा।' कार्यक्रम के अंत में मृदुल त्यागी ने उपस्थित जनों का आभार प्रकट किया कार्यक्रम में देशभर के अनेक महत्वपूर्ण साहित्यकार और हिंदी प्रेमी विदजन उपस्थित थे। 

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