म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

दशावतार' के अलौकिक कथक नृत्य ने दर्शकों को किया भावविभोर

'दशावतार' के अलौकिक कथक नृत्य ने दर्शकों को किया भावविभोर

उज्जैन। उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी (मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल) तथा वेणुनाद निनाद नृत्य संस्थान के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 6 दिवसीय कथक प्रशिक्षण कार्यशाला 'राग सेवा' का भव्य समापन समारोह पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल सभागार, कालिदास अकादमी में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। संस्कार भारती की सुंदर परिकल्पना एवं संयोजन से सजे इस आयोजन में नवोदित तथा युवा प्रतिभाओं ने अपनी लयात्मक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संस्कार भारती के मीडिया प्रभारी जयंत तेलंग ने बताया की कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात् संस्था की ओर सचिव समीर पटवर्धन ने मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। कार्यशाला की मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती पलक पटवर्धन ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए 19 से 24 अगस्त तक आयोजित इस 6 दिवसीय कार्यशाला की संपूर्ण यात्रा एवं प्रतिभागियों के अथक परिश्रम पर प्रकाश डाला।

समारोह को संबोधित करते हुए वेणुनाद निनाद नृत्य संस्थान के संरक्षक श्री राजेश सिंह कुशवाह, संस्कार भारती के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं म.प्र. संस्कृति परिषद के सदस्य श्री श्रीपाद जोशी, उज्जैन रेंज के डी आई जी श्री नवनीत भसीन, कालिदास अकादमी के निदेशक डाॅ गोविन्द गंधे तथा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक श्री प्रकाश सिंह ठाकुर ने भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में ऐसे आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लगभग 2 घंटे तक चली भव्य नृत्य प्रस्तुति 'दशावतार' रही, जो संपूर्ण समारोह के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस प्रस्तुति में भगवान विष्णु के 10 अलग-अलग अवतारों- मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध एवं कल्कि की कथाओं को भावपूर्ण कथक नृत्य की बंदिशों, उठान, तिहाई और सुंदर भाव-भंगिमाओं के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति के पश्चात् मंचासीन अतिथियों द्वारा कार्यक्रम को संगीतमय गति देने वाले संगतकारों एवं 'दशावतार' की अद्भुत प्रस्तुति देने वाली होनहार कलाकारों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में श्री समीर पटवर्धन ने सभी अतिथियों, कलाकारों, तकनीकी टीम, मीडिया एवं उज्जैन के कलाप्रेमी दर्शकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि श्री दिनेश दिग्गज और संस्कार भारती उज्जैन के महामंत्री श्री दुर्गेश सूर्यवंशी ने किया। समारोह का औपचारिक समापन पं कुलदीप दुबे के नेतृत्व में सामूहिक 'वंदे मातरम' के ओजस्वी गायन के साथ हुआ।

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