प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा पं मातादीन- मूर्तिदेवी शिखर सम्मान से अलंकृत होंगे
उज्जैन। सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक प्रो शर्मा को साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए शिखर सम्मान से विभूषित किया जाएगा हरियाणा में 12 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर के सम्मान अलंकरण समारोह में हरियाणा के नारनौल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में प्रसिद्ध समालोचक, लोकमनीषी एवं सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के हिंदी विभागाध्यक्ष और कुलानुशासक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा को पं मातादीन- मूर्तिदेवी शिखर सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट नारनौल द्वारा आयोजित अट्ठाईसवें वार्षिक समारोह में प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा को इस महत्वपूर्ण सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। प्रो शर्मा को यह सम्मान साहित्य, संस्कृति, समीक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए अर्पित किया जा रहा है।
प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा साहित्य एवं कला समीक्षा, संस्कृति, भाषा, लिपि, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपने विलक्षण योगदान के लिए जाने जाते हैं। बहुआयामी लेखन में पिछले साढ़े तीन दशकों से निरंतर सक्रिय प्रो शर्मा ने साहित्य, भाषा, संस्कृति, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया है। उनके प्रमुख ग्रंथों में शब्दशक्ति सम्बन्धी भारतीय और पाश्चात्य अवधारणा तथा हिन्दी काव्यशास्त्र, हिंदी कथा साहित्य, देवनागरी विमर्श, मालवा का लोकनाट्य माच और अन्य विधाएं, हिंदी – भीली अध्येता कोश, मालवी लोक साहित्य, बघेली लोक साहित्य, हिन्दी भाषा संरचना, प्राचीन एवं मध्यकालीन काव्य, मालवी भाषा और साहित्य, आचार्य नित्यानंद शास्त्री और रामकथा कल्पलता, मालवसुत पं सूर्यनारायण व्यास, गोंडी लोक साहित्य, भीली लोक साहित्य, अवन्ती क्षेत्र और सिंहस्थ महापर्व, महात्मा गांधी : विचार और नवाचार, स्त्री विमर्श : परंपरा और नवीन आयाम, सिंहस्थ विमर्श, मालव मनोहर आदि सहित निबंध, आलोचना, भाषाशास्त्र, देवनागरी लिपि, लोक एवं जनजातीय साहित्य और संस्कृति आदि पर पैंतीस से अधिक ग्रन्थों का लेखन एवं सम्पादन शामिल है। शोध पत्रिकाओं और ग्रन्थों में उनके तीन सौ से अधिक शोध एवं समीक्षा निबंधों तथा प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आठ सौ से अधिक कला एवं रंगकर्म समीक्षाओं का प्रकाशन हुआ है।
उन्हें पूर्व में अर्पित किए गए महत्वपूर्ण एवं ख्यात सम्मान और पुरस्कार हैं - आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी सम्मान, साहित्य विभूषण सम्मान, नई दिल्ली, म. प्र. लेखक संघ, भोपाल द्वारा हिन्दी समीक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. संतोष तिवारी समीक्षा सम्मान, भाषा - भूषण सम्मान, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, आचार्य विनोबा भावे राष्ट्रीय नागरी लिपि सम्मान, अक्षर आदित्य सम्मान, आलोचना भूषण सम्मान, साहित्य सिंधु सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान, राष्ट्रीय कबीर सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, अभिनव शब्द शिल्पी अलंकरण, विश्व हिन्दी सेवा सम्मान आदि। उन्होंने साहित्य, भाषा, लिपि, और लोक एवं जनजातीय संस्कृति से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सैकडों संगोष्ठियों, व्याख्यानमाला और कार्यशालाओं में व्याख्यान, शोध प्रस्तुति एवं समन्वय किया है। प्रो शर्मा ने थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, यूएई एवं म्यांमार की अकादमिक यात्राएँ की हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए देश एवं प्रदेश के अनेक साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मी और शिक्षाविदों ने प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा को बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है ।


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