गार्गी महाविद्यालय में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत सिरी फोर्ट रोड, नई दिल्ली में अवस्थित गार्गी महाविद्यालय में भारत सरकार की राजभाषा नीति और प्रशासनिक कार्य में हिंदी का प्रयोग विषय पर एक राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में हिंदी के प्रतिष्ठित लेखक, कवि एवं राज्यसभा सचिवालय, भारतीय संसद के पूर्व संपादक डॉ. गणेश शंकर श्रीवास्तव उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर वंदना लूथरा ने की एवं संयोजन डॉ. श्वेता मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर वंदना लूथरा ने आमंत्रित अतिथि वक्ता डॉ. गणेश शंकर श्रीवास्तव का अंगवस्त्रम एवं हरे पौधे से स्वागत किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. वंदना लूथरा ने महाविद्यालय में हिंदी में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए, सभी से हिंदी में कामकाज को सतत जारी रखने की अपील की।अतिथि वक्ता डॉ गणेश शंकर श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी में कार्य करना संघ के कर्मचारियों का संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने कर्मचारियों को सरकारी कामकाज में सरल, सुबोध एवं सहज हिंदी के प्रयोग के प्रति निर्देशित किया।
इस अवसर पर गार्गी महाविद्यालय के संकाय सदस्य प्रोफेसर श्रीनिवास त्यागी, डॉ मीना, डॉ बीना नेगी, डॉ वीणा शर्मा, डॉ भारती शर्मा, अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी तथा अध्यनरत छात्राएं उपस्थित रहीं। डॉ. वीणा शर्मा ने आभार ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. बीना नेगी ने किया।


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