राम भक्त हनुमान सिखाते हैं जीवन जीने की कला हनुमान जी भारतीय संस्कृति और धर्म में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। रामायण के इस महान पात्र को न केवल एक शक…
आज दुनियां का हर व्यक्ति एक मानसिक तनाव का शिकार है। भागदौड़ के जीवन में हर मन में एक अनजाना तनाव पैदा हो रहा है। ऐसा अपने आप ही हो रहा है और हमें इस…
हमारे व्यक्तित्व का परिशोधन, हमारे चिंतन का परिमार्जन और हमारी भावनाओं का परिष्कार मानवीय गौरव गरिमा का आधार है, क्योंकि परिष्कार, परिशोधन, परिमार्…
पितृ दिवस भारतीय संस्कृति की देन नहीं है। यहां की संस्कृति में पिता ईश्वर का धरती पर भेजा हुआ संतान की छत्रछाया का रूप होता है। जिसकी प्रतिदिन पूजा क…
संसार में आजकल ऐसे मनुष्यों की संख्या बहुत अधिक है, जो प्राय: अपने किसी-न-किसी दुख का रोना रोया करते हैं। कितने ही लोगों की बातों से तो ऐसा जान पड़ता…
गीता जयंती 23 दिसम्बर पर विशेष विश्व के श्रेष्ठ ज्ञान के रूप में प्रतिष्ठित गीता महाभारत के भीष्मपर्व का एक अंश है। किन्तु इसका प्रभाव भारत ही नहीं, …
लगभग ढाई दशक पूर्व की घटना है। मैं एक व्यक्तित्व विकास विषयक कार्यशाला के परिचयात्मक सेमिनार/कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुँचा। मैं जैसे ही रिसेप्…
हमारी भारतीय संस्कृति की जड़े उस वटवृक्ष की तरह है जिसकी छाँव में हमारे आचार -विचार और व्यवहार पोषित और पल्लवित होते है। साथ ही संरक्षण पाते है। हर…
जीवन के उतार चढ़ाव में ,संघर्ष और तनाव में खुशियां हमारे लिए ईश्वर की दी हुई सबसे खूबसूरत उपलब्धि है। जो महसूस करने से , दूसरों को देने से और अपनों मे…
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