Subscribe Us

शायर बन गया जी(कविता)


*अभिषेक राज शर्मा*

पहले नजर में उन्हे देखा

शायर बन गया जी,

आग लग मन मेरे

हलचल मच गया जी,

उनकी नजर में जादू है

सबकुछ लूट गया जी,

उनकी अदायें क्या खूब है

दिल फिसल गया जी,

ये मौसम मस्त बहार सा

पवन की झौका सा

पुरवईया सा बह गया जी,

उनकी शर्मीली नजर

हमसे कुछ कह गया जी।।

 

*अभिषेक राज शर्मा,पिलकिछा जौनपुर ,मो..8115130965

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां