म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

डॉ. स्वाति तिवारी का बावीसा ब्राह्मण प्रतिभा मंच द्वारा अभिनंदन

डॉ. स्वाति तिवारी का बावीसा ब्राह्मण प्रतिभा मंच द्वारा अभिनंदन
इंदौर। बावीसा ब्राह्मण प्रतिभा मंच द्वारा सुप्रसिद्ध साहित्यकार, शोधकर्ता, वरिष्ठ पत्रकार, विचारक एवं प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. स्वाति तिवारी का विशेष अभिनंदन किया गया। यह सम्मान उन्हें 'पिता' जैसे अत्यंत संवेदनशील, भावनात्मक एवं महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर किए गए उनके विशिष्ट शोध, लेखन , संपादन एवं सामाजिक सरोकारों के लिए प्रदान किया गया।

हाल ही में एक गरिमामय समारोह में डॉ. स्वाति तिवारी द्वारा दो खंडों में संपादित पुस्तक 'मेरे पिता' का लोकार्पण हाल ही में संपन्न हुआ। मेरे पिता' स्मृति श्रृंखला के अंतर्गत मीडियावाला न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित लेखों पर केंद्रित इस पुस्तक में देश-विदेश की लगभग 70 प्रतिष्ठित हस्तियों के अपने पिता के प्रति विचार, संस्मरण और उद्गार समाहित हैं। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि माँ पर केंद्रित पुस्तकें तो दुनिया भर के साहित्य में उपलब्ध हैं, किंतु पिता पर केंद्रित ये दोनों पुस्तकें साहित्य की एक अनमोल धरोहर हैं। पिता के त्याग, तपस्या, समर्पण, संघर्ष और बलिदान पर आधारित यह अनुभूत सत्य इस कृति को अद्भुत और अद्वितीय बनाता है। प्रतिभा मंच के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश चंद्र शर्मा ने डॉ. स्वाति तिवारी के साहित्यिक योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. तिवारी ने साहित्य और सामाजिक कार्यों के माध्यम से परिवार तथा समाज में पिता की भूमिका, उनके त्याग एवं भावनात्मक योगदान को रेखांकित करने का अनुकरणीय प्रयास किया है।

इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र शर्मा, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र जोशी, पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरलविनीत जोशी, पूर्व एडिशनल कमिश्नर सेल्स टैक्स राघवेंद्र दुबे, वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता मानवेंद्र त्रिवेदी, योगाचार्य एवं डायटिशियन डॉ. रश्मि जोशी, वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश जोशी 'बब्बू', वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता आशुतोष जोशी, वरिष्ठ रचनाकार वंदना दुबे, आभा जोशी, सपना उपाध्याय, प्रदीप उपाध्याय, प्रसिद्ध मंच संचालक प्रणव शुक्ला, प्रियांशी शुक्ला एवं प्राची पांडे ने डॉ. स्वाति तिवारी का पुष्पमाला एवं बुके भेंट कर हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया। समारोह में सृष्टि कला कुंज की संस्थापिका एवं सुप्रसिद्ध चित्रकार वन्दिता श्रीवास्तव ने उन्हें स्मृति चिह्न एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया, वहीं इंदौर लेखिका संघ की ओर से सुषमा शुक्ला ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान दिया। अपने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. स्वाति तिवारी ने कहा कि पिता परिवार का वह मजबूत आधार-स्तंभ होते हैं, जिनकी भावनाएं और संघर्ष अक्सर ओझल रह जाते हैं। ऐसे संवेदनशील विषय पर कार्य करना और समाज तक उनकी बात पहुँचाना एक आत्मिक संतोष देता है।

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