राजी एवं अशोक वक्त स्मृति सम्मान समारोह में प्रतिभाओं का सम्मान
उज्जैन। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समय विद्यार्थियों के लिए कठिन होता है और साक्षात्कार इसमें महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां अभ्यर्थी को समिति के समक्ष स्वयं को सक्षम सिद्ध करना होता है। परीक्षाओं में सफलता के लिए धैर्य, प्रचलित धारणाओं को बदलने का साहस और चुनौतियों पर विजय पाने की क्षमता जरूरी है। यह विचार सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अर्पण भारद्वाज ने आस्था समाज सेवा समिति एवं जोशी आई.ए.एस. संस्थान के तत्वावधान में कालिदास अकादमी के पंडित सूर्यनारायण व्यास संकुल में आयोजित डॉ. राजी वक्त एवं अशोक वक्त स्मृति सम्मान समारोह में सारस्वत अतिथि के रूप में व्यक्त किए। अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य श्री वरुण गुप्ता ने कहा कि अशोक वक्त की स्मृति में दिए जा रहे ये सम्मान उज्जैन के तत्कालीन साहित्य जगत की स्मृतियों को जीवंत करते हैं। अशोक वक्त सदैव युवाओं के लिए प्रेरणा-पुंज रहे।
विशिष्ट अतिथि रेनेसां विश्वविद्यालय के चांसलर श्री स्वप्निल कोठारी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की ललक है तो व्यक्ति को प्रभाव पैदा करना सीखना होगा और दिखावे की दुनिया से बाहर निकलना होगा। युवाओं को सफलता के लिए तपस्या करनी होगी, तभी सिद्धि और प्रसिद्धि मिलेगी। मुख्य अतिथि विधायक डॉ. सतीश मालवीय ने कहा कि राजनेताओं और अधिकारियों की भूमिकाएं अलग-अलग हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य राष्ट्रहित होना चाहिए। अधिकारी के रूप में निर्णय लेते समय जनहित और राष्ट्रहित को सदैव प्राथमिकता में रखना चाहिए। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सभी को राष्ट्र को प्रथम रखते हुए कार्य करना चाहिए। विशेष अतिथि उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी ने कहा कि शिक्षा ज्ञान देती है, लेकिन संस्कार व्यक्ति को और आगे ले जाते हैं।
जोशी आई.ए.एस. संस्थान की निदेशक डॉ. पांखुरी वक्त ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों ने मां सरस्वती, डॉ. राजी वक्त एवं अशोक वक्त के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। अतिथि स्वागत डॉ. पांखुरी वक्त, अनमोल पाटिल, तरुण चंद्रावत, काजल ठक्कर, नरेन्द्र जोशी, नाजिम अली, श्रीमती भारती शर्मा, हेमंत राठौर एवं प्रणव भारती आदि ने किया। समारोह में उज्जैन से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं में विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
समारोह में पूर्व कुलगुरु आचार्य बालकृष्ण शर्मा, मनीष शर्मा, प्रो. हरिमोहन बुधौलिया, मुकेश जोशी, एम.के. जैन, संतोष सुपेकर, प्रो. अरुण वर्मा, शरद शर्मा, डॉ. पिलकेंद्र अरोरा, डॉ. विवेक चौरसिया, डॉ. अनुभव प्रधान, डॉ. जय श्रीवास्तव, डॉ. नीता तपन, रोटेरियन अजय भार्गव, मीनू भार्गव, शहीद हाशमी, उरुसा हाशमी, राजेन्द्र खंडेलवाल, प्रदीप सरल, पंकज सोनवलकर, डॉ. तपस्या ठाकुर सहित गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीशकुमार सिंह ने किया तथा आभार मैत्री जोशी ने व्यक्त किया।


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