डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर' को मिला सारस्वत सम्मान
कोटा। सुपरिचित कवि डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर' का सारस्वत सम्मान किया गया। डॉ. नलिन जी के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में सरस काव्य-सन्ध्या भी सम्पन्न हुई। डॉ. शैलेष जी समकालीन हिन्दी साहित्यकार हैं, जो आधुनिक दोहा, हाइकु, लघुकविता, क्षणिका और लघुकथा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट शैली के लिए विख्यात हैं। कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता करते हुए डॉ. गिरि गिरिवर ने कहा कि उनकी रचनाओं में संवेदनशीलता, सामाजिक यथार्थ और मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. नलिन ने कहा कि वर्तमान में समकालीन दोहा आन्दोलन को समृद्ध करने में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम का सफल संचालन व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर रामेश्वर शर्मा उर्फ़ रामू भैया ने किया। उन्होंने साहित्य में शैलेष जी के योगदान और उनकी अंतर्राष्ट्रीय पहचान की प्रशंसा की। इस अवसर पर द्वितीय सत्र में आयोजित काव्य-सन्ध्या में डॉ. नलिन, डॉ. गिरि गिरिवर, भगवती प्रसाद गौतम, रामेश्वर शर्मा उर्फ़ रामू भैया, विष्णु शर्मा 'हरिहर', डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर', नंद किशोर शर्मा 'अनमोल', योगीराज योगी, डॉ. कृष्णा कुमारी 'कमसिन' और राधेश्याम शर्मा आदि उपस्थित सभी कवियों ने अपने काव्यपाठ से मंत्रमुग्ध कर दिया।


0 टिप्पणियाँ