पत्रकार विनोद नागर नासिक में साहित्य विभूति सम्मान से सम्मानित
भोपाल। राजधानी के वरिष्ठ लेखक, पत्रकार, समीक्षक और स्तंभकार श्री विनोद नागर को हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक शहर में ‘विद्योत्तमा साहित्य विभूति’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विद्योत्तमा फाउंडेशन द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक भास्कर समाचार पत्र के समूह संपादक श्री राजेश दुबे ने की।
केंद्रीय संस्कृत विश्व विद्यालय, नासिक के निदेशक डॉ. नीलाभ तिवारी समारोह के मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के बाद अब देश में पर्सनल सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (पीएसआर) की नई अवधारणा पर गंभीरता पूर्वक विचार करने का समय आ गया है।
समारोह में विद्योत्तमा फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार मिश्र ने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न भागों से आये 31 साहित्यकारों को उनकी श्रेष्ठ कृतियों के लिये सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के नरेश मेहता सम्मान से विभूषित श्री नागर को ‘साहित्य विभूति’ सम्मान उनकी पुस्तक ‘लिखा तो छपा’ के लिये दिया गया है।
विगत पांच दशक से लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय श्री नागर के छह खण्डों वाले रचना समग्र सहित 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इससे पूर्व उन्हें सुदीर्घ सृजनात्मक योगदान के लिये बालकवि बैरागी शिखर सम्मान सहित तुलसी साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश लेखक संघ, दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय, अभिनव कला परिषद्, अखिल हिन्दी साहित्य सभा, साहित्य गंगा, साहित्य गौरव, साहित्य रत्न, कादंबरी, संपादक संघ सम्मान से नवाज़ा जा चुका है।


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