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डॉ देवेन्द्र जोशी को बाल मनोविज्ञान पर सर्वश्रेष्ठ कृति के लिए मिला सम्मान


उज्जैन। बाल कल्याण एवं बाल साहित्य केंद्र के तत्वावधान में भोपाल के गांधी भवन सभागार में संस्था के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित बाल साहित्यकार सम्मान समारोह में उज्जैन के साहित्यकार और 40 से अधिक पुस्तकों के लेखक डॉ. देवेंद्र जोशी को उनकी कृति 'वक्तत्व कला और बालोपयोगी संभाषण' के लिए सम्मानित किया गया।

अतिथियों ने डॉ. जोशी को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, मेडल और पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। मध्यप्रदेश लेखक संघ, उज्जैन के अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन बुधौलिया ने बताया जोशी लगातार 45 वर्षों से उज्जैन में रहकर शिक्षा और साहित्य का अलख जगा रहे हैं। कार्यक्रम में नगर के लिए सर्वाधिक गौरव की बात यह रही कि सम्मान बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केन्द्र हेतु चयनित साहित्यकारों की कृति में बाल साहित्य की दृष्टि से सबसे सशक्त, उपयोगी और बाल मनोविज्ञान की कसौटी पर खरी उतरने योग्य डॉ. जोशी की कृति को माना गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. प्रकाश बरतूनिया, सारस्वत अतिथि डॉ. उषा खरे और विशेष अतिथि उषा जायसवाल थीं। अध्यक्षता डॉ. सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी ने की। स्वागत भाषण संस्थापक महेश सक्सेना ने दिया। संचालन दिनेश प्रभात ने किया। आभार अशोक निर्मल ने माना। इस अवसर पर प्रदेश के 17 बाल साहित्यकारों का सम्मान किया गया।

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