Subscribe Us

एहसासों की खुशबू



*अतुल पाठक

 

एहसासों की खुशबू दिल को 

कन्नौज सा महका देती है

 

हवाएं करतीं ऐसे गुनगुनाहट 

जैसे संगीत की धुन आती है

 

प्रेम की सुहानी बरखा मौसम 

दिल का आशिकाना बनाती है

 

अरमान-ए-दिल खिलते हैं जब

प्यार भरी नज़र गुफ़्तगू कर जाती है

 

ज़िन्दगी है वो खूबसूरत जो

प्यार की सूरत बनाती है

 

बहती हवा सी तेरे एहसासों की-

खुशबू, मेरे दिल में समाती है

 

तेरे हर पल पास होने का

हरदम एहसास कराती है

 

*जनपद हाथरस (उ.प्र.)

 


अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।


साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com


यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw 



टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां