*शुभम पांडेय गगन

देवी सुरेश्वरि भगवत गंगे


करो कृपा हे माँ गंगे

शिव के जटा में तुम विराजत

श्री हरि के पावँ पखारत

ब्रह्मा के कमंडल से निकली

स्वर्ग में कलकल बहती

भगीरथ के पुरखों को तारा

बहती भारत मे पुण्य धारा

सबके पाप मैया तुम धुलती

सरस्वती, यमुना ,माँ कालिंदी

संगम में मिलन तुम्हारा

देव प्रयाग में वास तुम्हारा

करो कृपा हे हर हर गंगे

बहती रहना निर्मल गंगे।।

*अयोध्या फैज़ाबाद उत्तर प्रदेश

 


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