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महंगाई मोदीजी धीरे धीरे








*अजय कुमार व्दिवेदी*


 

पढ़ लिख कर हैं घर में बैठे, मिलता न रोजगार।

रान परोसी ताना मारे, कहते हैं बेरोजगार। 

मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।

 

कहीं पे जनता भूख से मरती, कहीं कोई बीमारी से।

महंगाई के चलतें हो गई, जनता अब लाचार।

मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।

 

विकास की राह पे चलते-चलते, डूब गई जी नैया।

छोटे व्यापारी का भी, अब बन्द हुआ व्यापार।

मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।

 

बेरोजगारी के चलते, पहलें ही कड़की छाई है।

उस पर बढ़ गई महंगाई, हुई प्याज सवा सौ पार।

मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।

 

त्राहि-त्राहि करती अब जनता, दिखता नहीं विकास।

फिर भी छाती चौड़ी करके, बोल रही सरकार।

मोदीजी धीरे-धीरे करेंगे बेड़ा पार, मोदीजी धीरे-धीरे।

 

*अजय कुमार व्दिवेदी

सोनिया विहार दिल्ली 


 










 





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