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थम जाता है वक़्त तब(कविता)


 *शक्ति दत्त द्विवेदी*

 

सोचता हूँ जिंदगी के हसीन लम्हों के बारे में जब जब

तुम याद आते हो तब तब।

देखना चाहता हूँ किसी हसीन चेहरे की मुस्कुराहट को जब जब

तुम याद आते हो तब तब।

भुला कर भी  भूल पाता नही हूँ, तुम याद आते हो तब तब

मैं साँस लेता हूँ जब जब।

करता हूँ खुदा की इबादत जब जब 

नाम तेरा आता है तब तब।

सुनता हूँ हवा की सरसराहट को जब जब

तुम महसूस होते तब तब।

चलता हूँ सड़को पे तन्हा जब जब 

तुम्हारा साथ पाना चाहता हूँ तब तब।

थम जाता है वक़्त तब तब

तुम सामने आते हो जब जब।।

 

 *शक्ति दत्त द्विवेदी बरुआसागर (झांसी उत्तर प्रदेश),मो.7987939598

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