मध्यप्रदेश लेखक संघ की काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपने काव्य पाठ से भाव-विभोर किया
लेखक संघ के अध्यक्ष प्रो. हरिमोहन बुधौलिया को समर्पित रही काव्य गोष्ठी

उज्जैन। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर मध्यप्रदेश लेखक संघ उज्जैन द्वारा चार धाम मंदिर सभागृह में आयोजित काव्य गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों, स्वजनों एवं श्रोताओं को कवि सर्वश्री सुगनचन्द जैन, डॉ. उर्मि शर्मा, शीला व्यास, डॉ. रमेश चन्द्र चांगेसिया, रमेश चन्द्र शर्मा, डॉ. अखिलेश चौरे, डॉ. आर पी तिवारी, संगीता तल्लैरा, प्रफुल्ल कुमार शुक्ला, डॉ. रफीक नागौरी, विनोद काबरा, अशोक रक्ताले आदि ने अपने सुगन्धित काव्य पुष्प समर्पित किए।

गोष्ठी के अतिथि वक्ता आचार्य शैलेंद्र पाराशर ने कहा कि कवियों ने अपने काव्य पाठ से गोष्ठी में रचना पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर आनंदित कर दिया। प्रो. पाराशर ने आचार्य हरिमोहन बुधौलिया को समर्पित इस काव्य गोष्ठी के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि उनका व्यक्तित्व अत्यंत सहज, सरल,समाज समर्पित, सम-रसतावादी एवं सामाजिक सरोकारों से सम्बद्ध रहा है। आचार्य शैलेन्द्र पाराशर ने प्रो हरिमोहन बुधौलिया जी के लिए कहा कि हम सब आपकी उर्जस्विता से शक्तिमान होते है क्योंकि इनके नाम में ही हरि और मोहन एक साथ समाए हैं। जहां यह उत्सव मन रहा है ये भी अत्यंत पावन ऊर्जा स्थली है। आचार्य डॉ. गोपाल शर्मा ने अपने वक्तव्य में बुधौलिया जी के साथ की अपनी 40 वर्षीय दोस्ताना आनन्दमयी स्मृतियाँ ताजा की। प्रो नागेश्वर राव ने कहा कि चूंकि यह देव स्थली है इसलिए यहां दैविक अनुभूति होना स्वाभाविक है। उन्होने भी बुधौलिया सर के साथ आत्मीय संबंधों का जिक्र किया। डॉ. श्रीकृष्ण जोशी ने संक्षिप्त में सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि यही रस माधुर्य बना रहे। डॉ. पांखुरी वक्त ने अपने श्रेष्ठ संचालन में कहा कि ऐसे उदारमना व्यक्तित्व का जन्मोत्सव के ये पल हमें बहुत ही सुखद अनुभूति करा रहे हैं।

कार्यक्रम सीमा देवेन्द्र की शारदे वंदना से प्रारंभ हुआ और काव्य गोष्ठी का समापन भी इनके बधाई गीत जो आदरेय बुधौलिया सर को समर्पित था और सुन्दर गीत के साथ हुआ। अतिथि स्वागत प्रो. हरिमोहन बुधौलिया ने किया। गोष्ठी में पंडित रमण त्रिवेदी , डॉ. अभिलाषा शर्मा , नीलेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित रहे। सञ्चालन डॉ. पांखुरी वक्त ने किया और आभार प्रो. हरिमोहन बुधौलिया ने व्यक्त किया।