उज्जैन । अपनी 88 वर्षीया माँ को समर्पित 88 ग़ज़लों के आशीष अश्क के गजल संग्रह गौहर-ए-अश्क का विमोचन रविवार को उज्जैन के गुजराती समाज स्कूल के हॉल में देश के कई गणमान्य, साहित्यकार, शायर व कवियों के बीच सम्पन्न हुआ। जानकारी देते हुए संस्था सरल काव्यांजलि के महासचिव सन्तोष सुपेकर ने बताया कि गौहर-ए-अश्क के रूप में ग़ज़लकार आशीष श्रीवास्तव अश्क की यह चौथी पुस्तक हैं ।
इस समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात उस्ताद शायर समर कबीर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में कन्या महाविद्यालय, उज्जैन की पूर्व आचार्य डॉ. उमा वाजपेयी थी। कार्यक्रम में विशेष अतिथि देवास से पधारे चिकित्सक व साहित्यकार डॉ. डी. पी.श्रीवास्तव, विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण जोशी व प्रख्यात पत्रकार, साहित्यकार, प्रोफेसर डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव उपस्थित थे। हिंदी छंद के विख्यात कवि अशोक रक्ताले ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के सूत्रधार व्यंग्यकार राजेंद्र देवधरे दर्पण थे। पूर्व आचार्य मुकुंद करंदीकर ने सरस्वती वंदना गाकर कार्यक्रम प्रारम्भ किया साथ ही उन्होंने अश्क की एक ग़ज़ल भी गाई। पुस्तक के लेखक व शायर आशीष अश्क ने भी अपनी ग़ज़ले प्रस्तुत की। आभार प्रदर्शन कल्याण (महाराष्ट्र) से आए श्री जप्रशांति वेलफेयर ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विवेक श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। अतिथि स्वागत श्रीमती अंजलि श्रीवास्तव, डॉ संजय नागर, पराग प्रजापत, सुरेश जोशी , मुत्तन स्वामी और अविजश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर शहर के कई साहित्यकार -डॉ. पुष्पा चौरसिया , डॉ .उर्मि शर्मा , डॉ अखिलेश चौरे , हुसैन अहमद शान , शाहनवाज़ असीमी , डॉ रफ़ीक़ नागोरी , अमजद ख़ान ‘अमजद‘ , निरंजन इत्यादि मौजूद थे।


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