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जन्माष्टमी पर मुक्तक



✍️प्रो.शरद नारायण खरे

 

कृष्ण का नाम लेने से,खिलें सूखे सभी उपवन

कृष्ण का जाप करने से,सुवासित होता हर तन-मन

कृष्ण से है जगत सारा,कृष्ण हैं धर्म का आशय,

कृष्ण से काम हर पूरा,सभी की ज़िन्दगी गुलशन ।

*

प्यार राधा औ' किशना का,धर्म की ही कहानी है

बिरज की भूमि में महकी,ये इक नेहिल बयानी है

समर्पण,त्याग औ' निष्ठा,दिलों में भाव का दर्पण,

अमर अनुराग से ही तो,मुहब्बत नित सुहानी है ।

*

कृष्ण से नीति पलती है,कृष्ण से ही धरम पलता

कृष्ण से पाप मिटता है,अनाचारी नहीं खलता

कृष्ण से वासना मिटती,कृष्ण से कामना हटती,

कृष्ण की ही दया से यह,जगत देखो सतत् चलता ।

*मंडला(मप्र)

 


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