Subscribe Us

भारत माँ के जयकारों से



 

✍️रीना गोयल

हिदुस्तान हमारा प्यारा ,जन जन का है नारा ।

भारत माँ के जयकारों से , गूंज रहा जग सारा ।

 

छटा प्रकृति की अद्भुत बिखरी ,अनुपम रूप घनेरे ।

ऋषियों ,मुनियों ,विद्वानों के ,सदा रहे हैं डेरे ।

गंगा, जमुना ,सरस्वती की ,बहती निर्मल धारा ।

भारत माँ के जयकारों से , गूंज रहा जग सारा ।।

 

लाल किला है शान देश की ,ध्वजा यहीं फहराते ।

चिह्न प्रेम का ताजमहल  है,सभी  देखने आते ।

वीर सपूतों ने इस भू पर ,तन मन अपना वारा ।।

भारत माँ के जयकारों से , गूंज रहा जग सारा ।।

 

नीलवर्ण परिधान पहन नभ,  करता करतब न्यारे ।

सागर में भी गहरे कितने , मोती बिखरे प्यारे ।।

सूरज निकले बाँह पसारे ,करे दूर अँधियारा।।

भारत माँ के जयकारों से , गूंज रहा जग सारा ।।

 

सुरभित,सुंदर पुष्प निराले , नई ताजगी देते ।

औषधियों से पूरित वन भी , कठिन रोग हर लेते ।

इस भारत माता पर अपना  ,अर्पण जीवन सारा ।।

भारत माँ के जयकारों से ,गूंज रहा जग सारा ।।

 

( हरियाणा)

 


अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।


साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com


यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw 



टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां