म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

जय हिन्द की सेना



*रंजना माथुर

सरहद पर तैनात सिपाही देश के दिल हैं नहीं गाजर मूली, 


उनके महाबलिदान का बदला लेंगे तुझे चढ़ा कर सूली। 

सुन ओ चीन नीति है हमारी हम न पहले किसी को छेड़ते, 

यदि किसी ने छेड़ा हमको फिर तो हम उसको नहीं छोड़ते। 

माँ भारती के वीर सपूतों की शहादत को न भुलाया जाएगा, 

अब नहीं रण बांकुरों का कोई बलिदान ज़ाया जाएगा। 

भारत के जांबाज सिपाही जब आ जाते हैं अपनी पर, 

नहीं छोड़ते वे शत्रु को अंबर पर हो या अवनि पर। 

छटी का दूध दिलाएंगे याद करेंगे तुझको नेस्तनाबूद, 

मटियामेट करेंगे चीन को मिटाकर हम उसका वज़ूद। 

हिम्मत कैसे की है उसने भारत की ओर आँख उठाकर, 

दी खुद के विनाश को दावत सिंहों का अब क्रोध जगाकर। 

भारत का हर वीर सिपाही जल थल या फिर हो नभ सेना, 

है मुस्तैद सतर्क बुलन्द हर सैनिक जानता प्रतिशोध लेना। 

भारत का हर वीर सिपाही का शौर्य पराक्रम बल है अथक, 

 देशप्रेम में  उसके सम्मुख सकल विश्व आज है नतमस्तक। 

धोखे और चालबाजी से चीन ने हमारे पर किया आक्रमण, 

बलिदानी शूरवीरों की वीर शहादत को मेरा कोटिशः नमन्।  

अजमेर (राजस्थान )

 


अपने विचार/रचना आप भी हमें मेल कर सकते है- shabdpravah.ujjain@gmail.com पर।


साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/रचनाएँ/समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखेhttp://shashwatsrijan.com


यूटूयुब चैनल देखें और सब्सक्राइब करे- https://www.youtube.com/channel/UCpRyX9VM7WEY39QytlBjZiw 




एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ