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आत्मनिर्भर



*रश्मि वत्स
दूसरों पर आश्रित न होकर,
स्वयं आत्मनिर्भर तू बनकर।
झुका अपने कदमों में,
आंसमा को जमीं पर लाकर ।

माना कठिन है ये सफर,
बिन कांटों हासिल नही डगर।
आत्मविश्वास की तू डोर थामे
बढ़ता चल दृढ़ होकर पथ पर ।

आज इस महामारी ने ,
चक्का जाम किया बिमारी ने ।
फिर भी हौसला डिगा न पाया ,
आत्मनिर्भर बनने का अवसर पाया हमने।

इन मुश्किल हालातों में भी ,
धैर्य नही खोया है सब ने ।
आत्मनिर्भरता की राह अपनाकर ,
मात दे देंगे हम सब मिलकर ।

विकट स्थिति में आज देश है,
अर्थव्यवस्था भी कमजोर हुई है ।
छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर ,
देश को अपने विकसित करना है ।
*मेरठ (उत्तर प्रदेश)


 


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