Subscribe Us

कैसे कह लूँ



*रितु तोमर


एक ख्याल सा तू, 


या हसीन ख्वाब ,कैसे कह लूँ


मेरे साथ सा तू ,


या बस एहसास ,कैसे कह लूँ


एक मंजिल सा तू,


या बस तलाश, कैसे कह लूँ


मैं मुसाफिर जहाँ, वहाँ एक राह सा तू


या बस इत्तेफ़ाक़ ,कैसे कह लूँ


मेरी ज़िन्दगी की, हर साँस में तू


मैं भी तेरी , कैसे कह लूँ।


 


*रितु तोमर


 


साहित्य, कला, संस्कृति और समाज से जुड़ी लेख/ रचनाएँ/ समाचार अब नये वेब पोर्टल  शाश्वत सृजन पर देखे-  http://shashwatsrijan.com


टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां