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उठो समंदर



*प्रशांत शर्मा*


उठो समंदर को कलम में भरकर स्याही कर दो

जाओ आसमानों पर लिखकर उसे कागज कर दो

 

पुकारती है तुम्हे जमीं पर घायल पड़ी भारत माता 

लाओ हनुमान संजीवनी और मेरे घावों को भर दो

 

तुम्ही राम-लक्ष्मण भरत-शत्रुघन तुम्ही हो तारणहार

उठो कलमधर जागो फिर से रावण का बध कर दो

 

*प्रशांत शर्मा


चर्च कंपाउंड 

चौरई , जिला छिंदवाड़ा 

म प्र


9993213514

 

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