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लक्ष्मी आगमन











मैंने पत्नी से कहा , इस बार दीपावली को धूमधाम से मनाएंगे |

पटाखो के साथ ,कई प्रकार के लड्डू , मिठाई ,पेठे  लायेंगे ||

पत्नी बोली -क्या बढ़िया नेता कि तरह ,भाषण सुनाते हो |

सबसे पहले अपने वेतन के बारे में क्यों नहीं बताते हो ||

मैंने कहा प्राण प्रिये दीपावली वर्ष में तो एक बार आती है |

पत्नी -प्राण नाथ बात  ठीक है , पर लक्ष्मी तो खर्चा बढ़ा जाती है ||

मिलता-जुलता कुछ नहीं ,बल्कि खर्चा और बढ़ जाता है |

दीपावली के चक्कर में दो चार माह का वेतन चला जाता है ||

प्राण नाथ मेरी बात सुनिये ,फूटा ,रोरी दाना ले आइये |

नारियल ,अगरबत्ती घर में है ,लक्ष्मी जी कि पुरानी फ़ोटो उठाइये ||

मै आरती गाऊंगी , आप पूजा में बढ़िया ध्यान लगाना |

नारियल का प्रसाद ,थोडा सा  लक्ष्मी जी के चरणो में चढ़ाना ||

मैंने कहा -प्राण प्रिये आज के दिन तो शुभ शुभ बोलो |

दो वर्ष पुराना मिठाई का डब्बा ,अपने हाथो से खोलो ||

नहीं तो मिठाई सड़ जायेगी ,फालतू में फेकी जायेगी |

आज काम नहीं आई तो , कभी काम नहीं आयेगी ||

पत्नी -प्राण नाथ जब तक फ़ोटो है मिठाई नहीं सड़ पायेगी |

जितनी पुरानी फ़ोटो होगी , उतनी पुरानी मिठाई हो जायेगी ||

मैंने कहा -प्राण प्रिये अब फालतू के बातो में क्यों फसाती हो |

मेरा पूजा चालू है अब ,तुम आरती क्यों नहीं गाती हो ||

प्राण प्रिये आरती - लक्ष्मी जी जरा हमें और धन दीजिये |

इस गरीब औरत के ऊपर जितना हो सके और कृपा कीजिये ||

चार माह का पैसा , आपके पूजा में पूरी तरह खर्च हो गया |

इसी पैसे के चक्कर में ,मेरा मन कही और खो गया ||

मैंने कहा -आज के दिन ऐसी आरती क्यों गाती हो |

अपने और विपदा दुःख को लक्ष्मी माता को कैसे सुनाती हो ||

लक्ष्मी जी रात में अपने अनुसार  हमारे घर में आएगी |

जितना तुम चाहोगी ,उतना धन तुम्हारे लिए छोड़ जायेगी ||

पत्नी तपाक से बोली -ऐसी बात है तो दो चार अगरबत्ती और जलाओ |

दीपावली का पूरा प्रसाद , लक्ष्मी माता के चरणो में चढ़ाओ ||

हो सके तो घर के सारे दरवाजे ठीक से बंद करके आओ |

आज के दिन किसी भी रिश्तेदार को बिलकुल मत बुलाओ ||

मैंने कहा - दरवाजा बंद होगा तो लक्ष्मी माता कैसी आयेगी |

यदि आ भी गई तो , उलटे पैर वापस अपने आप चली जायेगी ||

पत्नी बोली - ऐसी बात है तो , अभी खुद जाकर  दरवाजा खोलती हूँ|

ध्यान से मेरी बात को सुनो , जो मै आपसे बोलती हूँ ||

जल्दी से दौड़े दौड़े  बिजली के खम्बे के पास जाइये |

सबके घर के तार को . खम्बे से तुरंत अभी गिराइये ||

थोड़ी देर सबके घर कि ,बिजली  चली जायेगी |

हमारे घर के उजाले को देखकर , माँ लक्ष्मी इधर चली आयेगी ||

 

*राम नारायण साहू " राज ", रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) मो.90399-02944



 













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