म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

डाॅ शुभदा पांडेय की साहित्य- यात्रा पर आधारित ग्रंथ का लोकार्पण

डाॅ शुभदा पांडेय की साहित्य- यात्रा पर आधारित ग्रंथ का लोकार्पण

लखनऊ। वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ शुभदा पांडेय के  साहित्यिक  जीवन पर आधारित  देश  के  अनेक  क्षेत्रों  के  लेखकों,  शिक्षकों, विचारकों कवियों, और  छात्रों  द्वारा  लिखित  शुभकामनाएँ,  संस्मरण,  आलेख,  समीक्षा,  साक्षात्कार,  कविता  आदि  से सुसज्जित  वृहद  ग्रंथ  का  लोकार्पण हुआ।  जिसका  कुशल संपादन  प्रोफेसर सुशील कुमार  शर्मा  (मिजोरम विश्वविद्यालय, मिजोरम) ने  किया  है। 

इस समारोह  में  बतौर  अध्यक्ष  वरिष्ठ साहित्यकार व संपादक  गिरीश पंकज  , विशिष्ट  अतिथि  के रूप  में  प्रोफेसर  कैलाश नारायण तिवारी( दिल्ली विश्वविद्यालय  ) विशिष्ट  वक्ता   प्रोफेसर बीना  शर्मा ( केंद्रीय हिंदी संस्थान)  आगरा ,प्रोफेसर चित्रलेखा सिंह,   (आगरा विश्वविद्यालय) ,प्रोफेसर  लक्ष्मी  पांडेय( सागर विश्वविद्यालय), प्रोफेसर कल्पना सिंह, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल,  एवं  वरिष्ठ साहित्यकार  बसंती पँवार  , जोधपुर  के  विशिष्ट सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। 

इस  अवसर  पर प्रोफेसर  बीना  शर्मा  ने  ऐसी  कृतियों  के  महत्व पर प्रकाश डालते हुए  कहा  कि  "  ऐसी  पुस्तकें  समाज  को  सारगर्भित  दिशा  देने  में  सक्षम  होती  हैं और  शुभदा  जी  की  साहित्यिक  जीवन  पर  यह  पुस्तक  मील  का  पत्थर साबित होगी। "

प्रोफेसर  गिरीश पंकज  ने  साहित्य  के  विविध पहलुओं  की  चर्चा  की और  विशेष तौर पर  महिला  लेखन  की  महत्ता  पर  प्रकाश  डालते हुए  कहा  कि- " आज  महिलाएँ  इस  क्षेत्र  में  निरंतर  आगे  बढ़  रही  हैं और  उन्हें  अपने  परिपक्व व  समाजोपयोगी  लेखन  के  साथ  अपने  सांस्कृतिक व  नैतिक  मूल्यों  का  निर्धारण  भी  करना चाहिए -  क्यों  कि नारी स्वतंत्रता  का  अर्थ  किसी  विकारित  मानसिकता  की  उपज  न  बन  सके।" लीडर्स आगरा  के  महासचिव  सुनील जैन  औेर  सहयोगी  सदस्यों  ने  मंचासीन  सभी  अतिथियों  का उत्तरीय,  पुष्पहार , स्मृति  चिन्ह देकर  सम्मानित  किया ।

इस  समारोह  का  भावपूर्ण काव्यमय  संचालन  कर रहे  चित्तौड़गढ़  से  पधारे  कवि सत्तार साहब  ने  सबका दिल जीत लिया। दीप प्रज्जवलन  और  अतिथि  सम्मान  से  समारोह आरंभ हुआ--   डाॅ  शुभदा पांडेय  ने  स्वागत भाषण  देते हुए  देश  के  सुदूर  अंचलों  से  पधारे  हुए गणमान्य  विद्वत समाज  का  स्वागत किया। इस  अवसर पर  इस  कृति  में शामिल  लेखकों  को  सम्मानित  भी  किया  गया।आभार प्रकट  करते  हुए  लीडर्स  आगरा  के  महासचिव  सुनील  जैन  ने  कहा  कि " शुभदा पांडेय  जी  नित्य- निरंतर  लेखन  से  जहाँ  एक  ओर  साहित्य  की  संवृद्धि  कर  रही  हैं,  वहीं  दूसरी ओर  इस तरह  के  आयोजन  से  आगरा  के  साहित्यिक  गतिविधियों  को  नये  आयाम  स्थापित  कर  रही  हैं। आज  के इस कार्यक्रम  को  ऊँचाइयाँ  प्रदान करने  वाले  समस्त  अतिथियों की  भव्य  प्रस्तुति  और  वक्तव्य  के  प्रति  हम  आभारी  हैं  ।

इस  पुस्तक  की  केंद्रीय   साहित्यकार  डाॅ  शुभदा पांडेय  जी  को  लीडर्स  आगरा  की  ओर  से  शाल,  स्मृति चिन्ह,  गुलदस्ता  आदि  देकर  सम्मानित   किया  । कवियों  ने  रचनाएँ  सुना कर  सबका दिल जीत  लिया।उपस्थित  लोगों  में प्रोफेसर  देबाशीष  गाँगुली,  प्रोफेसर  जैमिनी,  प्रभुदत्त उपाध्याय, राहुल कुमार,  सुनील  बग्गा,  विजयलक्ष्मी  कुलश्रेष्ठ, धर्मेंद्र  सिंह, प्रोफेसर  सुषमा  सिंह  , राधिका  गुप्ता , इंद्रावती  रानी,  आदि   उपस्थित  रहे  थे।  तृतीय सत्र  में  कवि सम्मेलन  का आयोजन हुआ-- दशाधिक  कवियों  ने  अपनी  समसामयिक,  गंभीर चिंतन,  मानवीय मूल्यों  आदि  से  जुड़ी  रचनाएँ सुना कर  वाहवाही  लूटी। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ