म.प्र. साहित्य अकादमी भोपाल द्वारा नारदमुनि पुरस्कार से अलंकृत

डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा साहित्य प्रभाकर सम्मान 2026 से अलंकृत

डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा साहित्य प्रभाकर सम्मान 2026 से अलंकृत

लोक से गहरे जुड़ाव के बिना साहित्य की कोई सार्थकता नहीं - प्रो. शर्मा

उज्जैन। संस्कृति साहित्य रचनालय ‘संसार’ द्वारा दिवंगत साहित्यकार प्रभाकर शर्मा बंधु की स्मृति में आयोजित भव्य साहित्यिक संध्या में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलानुशासक एवं सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा को साहित्य प्रभाकर सम्मान 2026 अर्पित किया गया। 

सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की परंपरा और समाज की सामूहिक चेतना का सम्मान है। लोक से गहरे जुड़ाव से ही साहित्य सार्थकता प्राप्त करता है। प्राचीन काल में जहाँ लोक कल्याण का मार्ग नीति, धर्म और राज्य से होकर जाता था, वहीं आधुनिक काल में वह लोक मंगल और समरसता का रूप ले चुका है। कबीर और तुलसीदास से लेकर प्रेमचंद, निराला, गुप्त जी के काव्य का उद्देश्य लोक कल्याण के साथ परस्पर प्रेम, स्वतंत्रता और स्वाभिमान है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजनेता डॉ. रायसिंह सेंधव, शिक्षाविद, राजेश यादव, पूर्व अध्यक्ष देवास विकास प्राधिकरण, सीमा देवेन्द्र जोशी, साहित्यकार एवं संपादक,  आशुतोष जोशी, वरिष्ठ कवि देवकृष्ण व्यास आदि सहित अनेक साहित्यकारों ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। समिति के संस्थापक त्रिभवन शर्मा ने बताया कि यह सम्मान उन साहित्यकारों को दिया जाता है जिन्होंने हिंदी साहित्य और संस्कृति की समृद्धि में उल्लेखनीय योगदान किया है।  

कार्यक्रम में डॉ. शर्मा को सम्मानित करते हुए साहित्यकारों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनके हिंदी साहित्य में योगदान को रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कवियों ने देशभक्ति की कविताओं और काव्य-पाठ प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया।

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