मध्यप्रदेश लेखक संघ की काव्य गोष्ठी में स्व. अजहर हाशमी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

उज्जैन। लेखक अपनी लेखनी के माध्यम से सत्य का उद्घाटित करता है। हम जब बाहर निकलते हैं तो अपने चेहरे को संवारते हैं, लेकिन साहित्य हमारे चरित्र को संवारता है। साहित्य हमारे अंतस का दर्पण है और मानव जीवन को दिशा देने का कार्य करता है। यह उद्बोधन पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद जी महाराज ने मध्यप्रदेश लेखक संघ, उज्जैन द्वारा चारधाम मंदिर में प्रख्यात गीतकार एवं साहित्यकार स्वर्गीय अजहर हाशमी जी को समर्पित काव्य गोष्ठी में आशीर्वचन देते हुए दिया।

आयोजन में मुख्य अतिथि नेक (NAAC) के चेयरमैन प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि प्रो. अजहर हाशमी का हिंदी भाषा और उसकी शैली पर अद्भुत अधिकार था। उन्हें सुनना किसी संत की वाणी सुनने जैसा अनुभव प्रदान करता था। विशेष अतिथि डॉ. शिव चौरसिया ने कहा कि हाशमी जी ने अपना संपूर्ण जीवन कविता और इंसानियत को समर्पित कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. हरिमोहन बुधौलिया ने कहा कि सादा जीवन एवं उच्च विचार के सिद्धांत पर चलने वाले हाशमी जी सही अर्थों में कबीर के उपासक थे।

रतलाम से पधारीं विशेष अतिथि डॉ. श्वेता नागर ने अजहर हाशमी जी से जुड़े प्रेरक संस्मरण साझा किए। भारत भारती की प्रदेश संयोजक डॉ. प्रवीणा दवेसर ने हाशमी जी का प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर डॉ. श्रीकृष्ण जोशी, डॉ. उर्मि शर्मा, जगदीश कौशल, हरिहर शर्मा एवं राम भवालकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

काव्य गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. राजेश रावल 'सुशील' द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। गोष्ठी में दिलीप जैन, अखिलेश चौरे, अक्षय कुमार चवरे, विनोद काबरा, आशीष श्रीवास्तव, आर.पी. तिवारी, प्रफुल्ल शुक्ल, रामदास मेंडेकर, श्रीकृष्ण गुप्ता, सूरज नागर, आर.सी. शर्मा, डॉ. पांखुरी वक्त एवं रुद्राक्ष दवेसर सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर समां बाँध दिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश रावल के संपादन में प्रकाशित मालवी पत्रिका ‘संस्कृति संवाद’ का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।

अतिथियों का स्वागत शैलेश लेले एवं अनिल कुरेल ने किया। कार्यक्रम में नीलेश शर्मा, प्रशांत सोहले, प्रकाश बांगर सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पांखुरी वक्त ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. हरीशकुमार सिंह ने व्यक्त किया।