प्रो. अजहर हाशमी के गीतों की खासियत सादगी भरी भाषा में गहरे संदेश देना है
उज्जैन। मशहूर गीतकार प्रो. अजहर हाशमी के गीत आज भी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल हैं। अजहर हाशमी के गीत साहित्य और संगीत के क्षेत्र में राष्ट्रीय एकता की अलख जगाने का कार्य करते हैं। प्रो. अजहर हाशमी के गीतों की खासियत सादगी भरी भाषा में गहरे संदेश देना है।
ये विचार भारत भारती द्वारा कालिदास अकादमी में राष्ट्रीय एकता के भाव जगाने वाले, प्रसिद्ध साहित्यकार, चिन्तक, गीत मनीषी प्रो. अजहर हाशमी के गीतों की संगीतमयी प्रस्तुति ‘अनुभूति’ के आयोजन में आमंत्रित अतिथियों ने अपने उद्बोधन में व्यक्त किये। आयोजन के मुख्यअतिथि कालिदास अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गंधे, सारस्वत अतिथि प्रो. हरिमोहन बुधौलिया, अध्यक्ष डॉ. शिव चौरसिया एवं विशिष्ट अतिथि, प्रो. गोपाल शर्मा, डॉ. श्रीकृष्ण जोशी, भारत भारती की प्रदेश संयोजक डॉ. प्रवीणा दवेसर, प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक मुकेश जोशी थे।
रतलाम से पधारे ख्यात गायक कलाकारों डॉ. स्नेहा पंडित, किरण छाबड़ा, संगीता जैन, डॉ. प्राची पुरोहित, रूचि चौहान, अक्षद पंडित, तल्लिन त्रिवेदी, रोहित परिहार, रुद्राक्ष दवेसर ने अजहर हाशमी जी के प्रसिद्ध गीत ‘मन को इस तरह नहीं उदास कर‘ हिमगिरि जिसकी प्रहरी, देश के गणतंत्र का निशान तिरंगा, कान्हा की जब मुरली बोली, कोई कन्दरा में हो, दुनिया से तो बहुत मिला तू जैसे गीतों की विभिन्न रागों में संगीतमयी प्रस्तुति से खूब तालियाँ पाईं। सांगीतिक प्रस्तुति का सञ्चालन डॉ. प्रवीणा दवेसर ने किया।
दीप आलोकन और अजहर हाशमी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर आयोजन का शुभारम्भ अतिथियों ने किया। वन्दे मातरम गीत की प्रस्तुति डॉ. अनामिका सोनी ने दी। अतिथि स्वागत भारत भारती के अध्यक्ष डॉ. हरीशकुमार सिंह, शशांक दुबे, शैलेश लेले, नंदिनी सक्सेना, संगीता पाटकर, सुभाष पाठक, संगीता तल्लेरा, डॉ. अभिलाषा शर्मा आदि ने किया। सभी गायक कलाकारों का स्वागत अतिथियों ने किया। आयोजन में अदिति दवेसर, शरद शर्मा, डॉ. माया बदेका, डॉ. प्रतिभा शर्मा चंद्रकांत नामजोशी, सुगनचंद जैन, डॉ. रमेश चांगेसिया प्रभात, अमित मिश्रा, संदीप सृजन, सीमा देवेन्द्र, शारदा श्री, डॉ. राजेश रावल, रमेश कश्यप, एस पी झा, पी के शुक्ल, आर सी शर्मा, अनिल कुरेल, रतनलाल रायकवार, प्रशांत सोहले, योगेश यादव, प्रकाश बांगर, मोहन सिंह हिंगोले, कुलदीप सिंह क्षत्रिय, सुरेन्द्र सर्किट, अनिल पांचाल सेवक, दिलीप जैन, अजय मेहता, दीपक सोनी, नीलेश शर्मा, सौरभ शर्मा आदि सहित बड़ी संख्या में सुधिजन उपस्थित रहे। संचालन भारत भारती की सचिव डॉ. पांखुरी वक्त ने और आभार डॉ. हरीशकुमार सिंह ने व्यक्त किया।



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