मध्यप्रदेश की छह बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कार 2024 घोषित
भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल द्वारा कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए मध्यप्रदेश की छह प्रमुख लोकबोलियों—मालवी, निमाड़ी, बघेली, बुंदेली, भीली और गोंडी—के साहित्यिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है।
प्रत्येक पुरस्कार के अंतर्गत ₹51,000 (इक्यावन हजार रुपये) की सम्मान राशि के साथ शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा।
साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने बताया कि कुछ पुरस्कारों के लिए जूरी द्वारा दो श्रेष्ठ कृतियों का संयुक्त चयन किया गया है।
पुरस्कार प्राप्त कृतियाँ एवं रचनाकार
मालवी : संत पीपा स्मृति पुरस्कार • श्रीमती सुषमा दुबे (इंदौर) — ‘गुड़धाणी’ • श्री नंदकिशोर चौहान (इंदौर) — ‘बुलावो’
निमाड़ी : संत सिंगा जी स्मृति पुरस्कार • श्री सौरभ लाड़ (इंदौर) — ‘गरीब मनुस का उल्टा पांय’
बघेली : श्री विश्वनाथ सिंह जूदेव स्मृति पुरस्कार • श्री रमाकांत द्विवेदी (सीधी) — ‘देखा बोलि देब हम’ • श्रीमती सुषमा मुनीन्द्र (सतना) — ‘लाभ-शुभ’
बुंदेली : श्री छत्रसाल स्मृति पुरस्कार • डॉ. हरिकृष्ण हरि प्रजापति (दतिया) — ‘माटी के गीत’ • डॉ. रंजना शर्मा (भोपाल) — ‘बुंदेली रामायण मोरे राम’
भीली : टंट्या भील स्मृति पुरस्कार इस श्रेणी में कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। गोंडी : रानी दुर्गावती स्मृति पुरस्कार इस श्रेणी में भी कोई कृति प्रविष्टि के रूप में प्राप्त नहीं हुई।
साहित्य अकादमी द्वारा घोषित इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश की लोकभाषाओं एवं लोकसाहित्य के संरक्षण, संवर्धन और सृजन को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है।


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