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आये वतन पे खतरा















*रूपेश कुमार

 

आये वतन पे खतरा वो जान भी लगा दो ,

ये मुल्क के जवानो जंग का ज़ूनून भर लो ,

 

इसी जंग के कोने मे कही जन्नत नजर आयेगी ,

जंग आ ही जाये सर पे तो जुल्म भी तू कर ले ,

 

आजाद मुल्क है तो आजाद हम रहेगे ,

कुर्बानियो के खातिर , कफन का ताज धर लो ,

 

ये ज़मी तुम्हारा , ये आंसमा तुम्हारा ,

अपनी आबरू के खातिर , अरमान दिल मे भर लो ,

 

रश्के जीना वतन है , अपना इस ज़हाँ मे ,

पांसवा है हर जंवा , गुलिस्तान दिल मे भर लो ,

 

है नहीं जंहा मे कोई भी अपना मरहम ,

दर्दनिया के दिल मे रखकर उड़ान भर लो ,

 

मजहब की बात छोड़ो , हम साया है अपना ,

गुलशन मे बहुत फूल है सब फूलो से प्यार कर लो !

 

*रूपेश कुमार,चैनपुर,सीवान 

 


 














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