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ये बेटियाँ (कविता)






*अरविन्द शर्मा*


ये बेटियाँ ये बेटियाँ ये बेटियाँ ये बेटियाँ,


देश की कमान को संभाल रहीं बेटियाँ।


ये बेटियाँ ...........


गगन पर नाम लिख रहीं, ये धरा के बेटियाँ,


घर से ले समाज तक, करें कमाल बेटियाँ।


ये बेटियाँ ...........


दिशा सभी को दे रहीं, पढ़ी लिखी ये बेटियाँ,


सरहदों का रख रहीं हैं, अब ख्य़ाल बेटियाँ।


ये बेटियाँ ...........


भाग्य अपना लिख रहीं, अपनी कलम से बेटियाँ,


हर तरफ हैं दिख रहीं, करती धमाल बेटियाँ।


ये बेटियाँ ...........


जन्म से ही मानते हैं, क्यों पराई बेटियाँ,


आज के समाज से, करती सवाल बेटियाँ।


ये बेटियाँ ये बेटियाँ ये बेटियाँ ये बेटियाँ।


*अरविन्द शर्मा,बी एम - 49, नेहरू नगर, भोपाल मो  9669333020







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